*भिलाई में पहले दिन की दिव्य हनुमंत कथा* *कथा से पहले बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री*
दुर्ग
*भिलाई में पहले दिन की दिव्य हनुमंत कथा*
*कथा से पहले बोले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
एक दिवसीय दिव्य दरबार इसीलिए लगाया जाएगा
छत्तीसगढ़ में चमत्कार के नाम पर मत्तांतरण ना हो,
मेरा सौभाग्य की मुझे दोबारा छत्तीसगढ़ आने मिला और आज मैं भिलाई में हूं
*संविधान पर बोले शास्त्री*
हमारे पूर्वजों में संविधान स्वीकार किया उसके प्रति हमारी निष्ठा
एक हाथ में संविधान दूसरे हाथ में गीता और रामायण
जिस संविधान की शुरुआत राम भगवान के दरबार के चित्र के साथ हो ऐसे संविधान हमारे देश का
इसीलिए हम अपने संविधान को पूर्ण रूप से मानते हैं
हिंदू राष्ट्र संविधान विरोधी नहीं है, हम कागज पर हिंदू राष्ट्र नहीं लोगों के दिलों पर चाहते हैं
*बांग्लादेश दीपू के मुद्दे पर बोले*
2 दिन पहले जिंदा हिंदू को जलाया गया सिर्फ इसलिए जलाया गया कि वहां हिंदू था भारत में रहने वाले सनातनी हमारी बात कान खोल कर सुन ले जब बांग्लादेश में हिंदू होना अपराध है तो यह विषय सोचने वाली है कि वह दिन दूर नहीं जब भारत में भी हिंदू होना अपराध होगा
यही समय है सही समय है हिंदू एकता और हिंदू राष्ट्र का
*बढ़ते छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर बोल* वर्तमान में छत्तीसगढ़ का हिंदू जगाने लगा है हम लगातार आ रहे छत्तीसगढ़ भविष्य में जसपुर सरगुजा में कथा की जाएगी जहां पर एशिया का सबसे बड़ा चर्च है
इसे लेकर हम आज आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ में पदयात्रा करने वाले हैं जिसकी तैयारी शुरू हो चुकी है
